कमला के लिए बुनाई एक कला नहीं, बल्कि जीने का साधन बनी: कमला अब 60 साल की हो गई है। उसके परिवार से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। होश संभालते ही खड्डी को जीने का सहारा बना लिया। धीरे-धीरे परिवार बढ़ता गया और जिम्मेवारियां भी बढ़ गई। समाज में प्रतिष्ठिा के साथ जीवन यापन करने के लिए एक अच्छा सा मकान भी बनाना था। पारम�%A...
अजब-गजब: ये है 550 साल पुरानी रहस्यमयी 'ममी', आज भी बढ़ रहे हैं नाखून और बाल : हिमाचल की स्पीति घाटी जहां बौद्ध मठों व रेत की दृश्यावलियों के कारण विश्व विख्यात है, वहीं यहां ऐसा बहुत कुछ है, जो हैरान करने वाला है। यहां के एक गांव में एक लामा की ममी का अस्थि पिंजर बैठी हुई मुद्रा में अभी तक सलामत है। अभी भी उसके सिर पर बाल हैं।
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